दोनों देशों ने पिछले साल की शुरुआत में द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू की थी। इस दौरान कई दौर की वार्ताएं भी आयोजित की गईं। हालांकि कृषि एवं डेयरी क्षेत्र से संबंधित मुद्दों को लेकर गतिरोध की स्थिति देखी गई।
स्कीम सीमित लेकिन चुनी हुई कंपनियों में निवेश करती है और इसमें एक्टिव शेयर ऊंचा रहता है. इसका फोकस उन मौकों पर होता है, जहां किसी कंपनी में सुधार या वैल्यू बढ़ने की संभावना को बाजार अभी ठीक से नहीं पहचान पाया होता. 31 दिसंबर 2025 तक, इस पोर्टफोलियो में बड़ी कंपनियों यानी लार्ज-कैप शेयरों की हिस्सेदारी ज्यादा थी.
इस दौरान आईटी सेवाओं, फिनटेक और हरित ऊर्जा क्षेत्रों में लगभग 1.28 करोड़ नौकरियां सृजित होंगी। हालांकि इसके लिए एआई कुशल और भविष्य के अनुकूल कार्यबल की बढ़ती मांग को पूरा करना जरूरी है।
हालांकि आलोच्य तिमाही में कंपनी का परिचालन राजस्व 13.3 प्रतिशत बढ़कर 33,872 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में 29,890 करोड़ रुपये था.
इंडिया सेलुलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) के चेयरमैन पंकज महेंद्रू ने पीटीआई-भाषा को बताया कि भारत ने इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में मजबूत वृद्धि दर्ज की है, जो 2025 में 133 अरब डॉलर तक पहुंच गया. इस दौरान निर्यात में तेजी से विस्तार जारी रहा.