भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के प्रमुख ने बताया कि सरकार ने बड़े मूल्यांकन वाली कंपनियों को आईपीओ में 2.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की अनुमति देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
विभिन्न मंचों पर 16,970 से अधिक गैर-अनुपालन वाले उत्पाद के सूचीबद्ध किए जाने की पहचान के बाद 13 ई-कॉमर्स मंचों चिमिया, जियोमार्ट, टॉक प्रो, मीशो, मास्कमैन टॉयज, ट्रेडइंडिया, अंतरिक्ष टेक्नोलॉजीज, वरदानमार्ट, इंडियामार्ट, मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक (फेसबुक मार्केटप्लेस), फ्लिपकार्ट, कृष्णा मार्ट और अमेजन को नोटिस जारी किए गए।
दोनों देशों ने पिछले साल की शुरुआत में द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू की थी। इस दौरान कई दौर की वार्ताएं भी आयोजित की गईं। हालांकि कृषि एवं डेयरी क्षेत्र से संबंधित मुद्दों को लेकर गतिरोध की स्थिति देखी गई।
स्कीम सीमित लेकिन चुनी हुई कंपनियों में निवेश करती है और इसमें एक्टिव शेयर ऊंचा रहता है. इसका फोकस उन मौकों पर होता है, जहां किसी कंपनी में सुधार या वैल्यू बढ़ने की संभावना को बाजार अभी ठीक से नहीं पहचान पाया होता. 31 दिसंबर 2025 तक, इस पोर्टफोलियो में बड़ी कंपनियों यानी लार्ज-कैप शेयरों की हिस्सेदारी ज्यादा थी.
इस दौरान आईटी सेवाओं, फिनटेक और हरित ऊर्जा क्षेत्रों में लगभग 1.28 करोड़ नौकरियां सृजित होंगी। हालांकि इसके लिए एआई कुशल और भविष्य के अनुकूल कार्यबल की बढ़ती मांग को पूरा करना जरूरी है।
हालांकि आलोच्य तिमाही में कंपनी का परिचालन राजस्व 13.3 प्रतिशत बढ़कर 33,872 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में 29,890 करोड़ रुपये था.